Writing about Krishna is soooo soothing. One more from me ☺

 

कान्हा

 

खोए से रहते हैं तेरी यादों मे

जैसे भूला हुआ कोई जिंदगी की राहों मे

 

तुझे देखने का मन करे जब

खुदको आईने मे देखते हैं तब

 

तेरी आवाज सुनने का मन करे जभी

गुनगुनाते हैं तेरा ही नाम तभी

 

कभी लगे तेरी आँखों मे खो जाऊँ

तो लगे चाँद को निहारती हुई गुम हो जाऊँ

 

तुझसे जब बातें करने का मन करें

तेरी तस्वीर से चुप्पी मे गुफ्तगू करते हैं

 

जब बावरा दिल रोता है अँधेरों मे

तब ढूँढते हैं तुझे चाँद सितारों मे

 

अकेलेपन का दुख चुबता है जब

अंबर और धरती की जुदाई याद आए तब

 

गिरते अशकों को कैसे रोक लूँ

तू मेरा होकर भी मैं तेरी न बन सकूँ

 

तुझसे दूरी सहा न जाए रे कान्हा

तेरी प्रीत निछोडे मुझे हाँ मैने माना   ॥

 

 

 

 

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Kaun zimmedaar….

 

तपती है सूखी जमीन

उगलता है आग आसमान

एक बूंद पानी के लिए

तरस्ता है आज इनसान

 

न काले बादलों का ठिकाना

न कहीं छाँव का कोई आशियाना

कुछ सुकून के पलों के लिए

तरस्ता है आज इनसान

 

सभी नदियाँ प्यासी हैं

बादल लुका छुपी खेलते हैं

सावन के ठंडे बौछार के लिए

तरस्ता है आज इनसान

 

मौसम दिखा रहा है रूद्र रूप

कहीं सरदी, बाढ या है तेज धूप

कुदरत की मार से लाचार होकर

तरस्ता है आज इनसान

 

तेरा मेरा की लडाई मे

कुदरत को ढ़केल दिया खाई मे

अपनी ही गलतियों से परेशान होकर

तरस्ता है आज इनसान   ।।

 

 

 

 

Kaanha….Tere rang mein. ..

 

साँवरे तेरे रंग मे कुछ एसे रंग गए

कुछ तुझे याद करते रह गए

कुछ खुदको भूलते चले गए

 

 

तेरे नैनों मे है कुछ एसा नशा

कोई दूजा न समझे उनकी भाषा

 

पुकारती रह जाऊं नाम तेरा

न कभी दिन ढले न कभी शाम मेरा

 

गाए जाऊँ तेरे नाम के ही मधुर गीत

उनमे सजते हैं बस तेरे और मेरे प्रीत

 

ओढती हूँ तुझे बनके मेरी यादें

यादों मे संवरती हूँ जैसे मिली हो सौगातें

 

तेरी आवाज है मेरी रूह की पुकार

वो पुकार है मेरे दिल के गीतों का हार

 

चूड़ियाँ सजती है मुझपर सुनके तेरी आहट

दुल्हन सी सजी हूँ जैसे एक गुडिया की बनावट

 

झुकी निगाहें सुनाए मेरे दिल की कहानी

एक कहानी जिसकी है बढी मीठी सी वाणी

 

मेहंदी लगी है मेरे कोमल हाथों मे

उसे देखने आ जाओ मेरे सपनों मे

 

आंखें देखे तेरा रास्ता हर दिन

इस राधे का मन नही लगे अब तेरे बिन

 

ओ रे कान्हा

तेरे रंग मे कुछ एसे रगो गए

कुछ तुझे याद करते रह गए

कुछ खुदको भूलते चले गए  ।।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

कान्हा तेरे नाम

 

ओ रे कान्हा

हाथों मे लिेए ब़ांसुरी
होटों पर सजी मीटी सी हसीं

अाखों में है मसती की झलक
बोली में सुऩाइ दे अनसुनी खनक

सर पर है सुंदर सुनहरा मोर का ताज
सजें हैं कानो में कुंडल अाज

पीले वस्त्र से सज़ाया है अाज तुम्हे
नजर भर देखने की अाह है हमे

तेरे चेहरे से नजर हटती नही
कैसा जादू कर गया कान्हा जो लगे सही

सामने है तु खडा बनके एक तसवीर
मग्न हूँ तुझमे जैसे रान्झा अौर हीर

मेरे पायल की छमछम सुनाए एक कहानी
कहानी ऐसी जो हो कान्हा की जुबानी

गाए जाऊं तेरे नाम की माला
हर शब्द और स्वर लगे एक मधुशाला

जिदंगी मे कोइ और न लगे ऐसा प्यारा
तेरा नाम ही है मेरे जीने का सहारा

कुछ भी ना चाहूँ सिवाइ साथ तेरा
तुझे निहारकर खुश रहना जीवन है मेरा

रहना सदा इसी तरह मेरी पलकों में
अांखें मूदं लूँ तो अाना सपना में

रहूँगी सदा तेरे नाम की जोगन
खिलेगी जिदंगी और महकेगा अांगन

इस राधे को अपने से अलग समझना नही
रहूँगी तेरे साथ तेरे ही अास पास कहीं । । ।

As I look into your eyes…

 

My little world is on fire

As my feelings never tire

A beautiful emotion shies away

And a smile is forever on display

As I look into your eyes…..

 

My heart always skips a beat

Like a shot of vodka taken neat

My pulse throbs like crazy

And my eyes go moist and hazy

As I look into your eyes…..

 

Emotions race through my veins

As if bursting from all seams

Eyelids droop down sometimes

Only to lift up like climbing vines

As I look into your eyes…..

 

A soft glow stays on my face

As blood and emotions have a race

I feel I could drown in forever

In its depths to always be together

When I look into your eyes….