New lines….

 

मीठी सी मुस्कुराहट तेरी

जब से दिल में उतर गई

न जाने इस मन को

कितनी बार बरबाद कर गई

 

जज्बातों को कोई आवाज नहीं

जो बयां करे हाले दिल का

बस आँखों ही आँखों में

न जाने क्या क्या समझा गई

 

तुझसे दूर रहना आता नहीं

खुदको समझा लेतें हैं अभी

तेरा दीदार किस तरह करूँ

ये सोचते सोचते जिंदगी गुजर गई  ॥

 

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