The Moon & the Taj

 

चाँद को निहारूं या तुझे देखूँ ऐ ताज

मेरी दुनिया में खलबली मची है आज

 

वो अंबर की जान तू इश्क की पहचान

दोनो रहते हो बनके दिल के मेहमान

 

उसकी खूबसूरती रिझाए तेरी क्यों रुलाए

बहुत कुछ कहते हो खामोशी में हाए

 

वो लफ्जों का खज़ाना तू जज्बातों का कब्र

देखकर दोनों को खो देती हूँ अपना सब्र

 

वो गरदिशों का सच तू पन्ना इतिहास का

तुम्हें साथ देखकर बहे अश्क एहसास का

 

वो करे बातें मुझसे सरफरोशी में

तू छलकाए जज्बात आँखों की उदासी में

 

बनके दद॔ – ए – दिल बहे कलम की स्याही आज

अनमोल लफ्ज भी हैं लफ्जों के आज मोहताज   ॥

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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Dil ki baatein

 

यूँ चुप रहकर हमे रुलाया न करो

बस एक बार हमारी हाँ मे हाँ मिलाया करो

 

जिंदगी की राहों पर चलते चलते

कभी तो पीछे मुडकर देख लिया करो

 

गुजारे हैं हर पल तुझसे मिलने की आस मे

उस इंतजार का कुछ तो ख्याल किया करो

 

बोल न सके कभी कुछ अपनी जुबान से

उस बेजुबानी को अब अपनी आवाज दे दिया करो

 

कुछ न मांगा कभी रब से आज तक

उनके होने का तुम मुझे एहसास दिलाया करो

 

कहते हैं अश्क आँखों मे ठहरते नही

उन्हे मुस्कान का नाम देकर साथ निभाया करो

 

यूँ चुप रहकर हमे रुलाया न करो

बस एक बार हमारी हाँ मे हाँ मिलाया करो  ।।

 

Mere khwaab

 

वो ख्वाब जो कल देखा था

वही जानी पहचानी गजल गुनगुना रहा था

 

सितारों से जो कहानी सुनी थी हमने

वही किस्सा फिर दोहरा रहा था

 

एहसासों की मखमली चादर ओढे

अपनी गहराईयों मे मुझे खीचें जा रहा था

 

एक अनोखी दुनिया मे ले जाकर

न जाने कौनसी सच्चाईयों से वाकिफ़ करा रहा था

 

वो ख्वाब जो कल देखा था ……

 

😊

 

परेशानीयों में भी खुशीयाँ ढूँढता हूँ

दिल के कोनों में अपनों की निशानीयाँ ढूँढता हूँ

 

वक्त से कुछ वक्त चुराकर

गलतीयों में अपनापन ढूँढता हूँ

 

थम गया जो लम्हा बेवक्त होकर

उन लम्हों में रंगीन सपने ढूँढता हूँ

 

आँसू भी बाज़ न आए रुलाने में

उनमे भी अब मीठी सी मुस्कान ढूँढता हूँ

 

जो दूर हो गए वक्त की रेत में

उस रेत में अपनों में नजदीकियाँ ढूँढता हूँ

 

परेशानियों में भी खुशीयाँ ढूँढता हूँ

दिल के कोनों मे अपनों की निशानीयाँ ढूँढता हूँ  ॥